कॉलेज की छत पर चुदाई 😮😮😮

कॉलेज में किसी को भी नहीं पता था कि शोभा ने पिछले दिन की एक बड़ा कारनामा मतलब अपना पहला सेक्स किया है पर उसने किसी को कुछ नहीं बताया है। 


सतनामम कॉलेज – सोमवार, सुबह 8:30 बजे शोभा अपने कॉलेज की बिल्डिंग के बाहर खड़ी थी। उसने एक टाइट सफेद शर्ट और नीली जीन शॉर्ट्स पहनी हुई थी जो उसकी गांड पर सटी हुई थी। वो और उसके दोस्त कॉलेज जल्दी आ गए थे और उनकी पहली क्लास शुरू होने में अभी आधा घंटा बाकी था। उसके दोस्त शोभा की ड्रेस की तारीफ कर रहे थे। शोभा, तुम इस ड्रेस में बहुत खूबसूरत लग रही हो!” “हाँ शोभा! पिछले कुछ दिनों से तुम काफी फैशनेबल कपड़े पहन रही हो।” “अरे ऐसा कुछ नहीं है! मुझे अपनी लाइफ में थोड़ा चेंज चाहिए था बस!” शोभा ने दोस्तों के कमेंट्स से मिली मुस्कान छिपाते हुए कहा ताकि उनको पता लगे कि उनके कमेंट्स मिलने से वो खुश हो रही है। कॉलेज के लड़के अब उसे भी नोटिस करने लगे थे और पिछले हफ्ते ही उसे कम से कम 4 लड़कों ने उसे डेट करने के लिए पूछा था। हालांकि, कॉलेज में किसी को भी नहीं पता था कि शोभा ने पिछले दिन की एक बड़ा कारनामा किया है पर उसने किसी को कुछ नहीं बताया है। “बीप बीप!” उसके सेलफोन की घंटी बजी। “मुझसे छत पर 5 मिनट मेंमिलो…” (वरुण) मैसेज देखकर शोभा मुस्कराई और अपना फोन अपने बैग में डाल लिया। 

“सॉरी गर्ल्स, मुझे जाना होगा; मैं तुम्हें क्लास में ही मिलूंगी!” उसने कहा और अपने दोस्तों के वहां से चली गई। सतनाम कॉलेज की छत, सुबह 9:00 बजे “अम्म … वरुण, कोई हमें यहाँ देख सकता है!” शोभा के मुंह से सिसकारी निकली जैसे ही वरुण ने उसे दीवार से सटाकर उसके होंठों को किस किया। “अम्म … चिंता मत करो। यहाँ सुबह कोई नहीं आता!” ये कहने के लिए वरुण केवल एक पल के लिए रुका और उसे फिर से चूमने लगा। उसके हाथ शोभा की शर्ट के बटनों पर हड़बड़ाहट में चल रहे थे और अगले ही पल वह उसकी चूचियों को सहला रहा था और उसे किस किए जा रहा था। कुछ ही देर में शोभा वरुण के सामने छत की रेलिंग पर हाथ टिका कर खड़ी हो गई थी। जैसे ही उसने अपनी गांड वरुण की ओर घुमायी, उसका टॉप उतर चुका था और वरुण ने उसके शॉर्ट्स और पैंटी में हाथ देकर उन्हें नीचे खींच दिया।
 “तुम ज्यादा ही उतावले हो रहे हो वरुण, क्या तुम ये सब करने के लिए कॉलेज की छुट्टी होने तक का इंतजार नहीं कर सकते थे?” “नहीं, मैं नहीं कर सका! कोई हमें ये सब करते हुए देख ले, तुम इस ख्याल से गर्म नहीं होती हो?” वरुण ने उसकी चूत के होंठों पर लंड को रगड़ते हुए कहा जो उसकी चूत में जाने के लिए तैयार था। “आह्ह … तुम मुझे खींच रहे हो … आह्ह!” वो कराह उठी जैसे ही उसकी चूत में उसे लंड घुसता हुआ उससे महसूस हुआ। “अआह्ह … व-वरूण … प्लीज … आराम से … अआह्ह!” “कैसा लगा? क्या तुम्हें मज़ा नहीं आ रहा?” वरुण ने अपनी स्पीड बढ़ाकर मुस्कराते हुए कहा। वो जानता था कि शोभा को कसकर चुदना पसंद है भले ही वो हमेशा उसको आराम से चोदने के लिए कहती हो। जल्दी ही छत पर शोभा की सिसकारियां तेज तेज आवाज में निकलने लगीं, उसे अब परवाह नहीं रही कि कोई उसकी सिसकारियों को यहां सुन भी सकता है। “अअ..ह्ह … ओह्ह … बहुत मजा आ रहा है … ल्..लेकिन मैं झड़ने वाली हूं … आह्ह … वरूण … आह्ह … मजा आ रहा है … आह्ह!” वरुण भी अब खुद को रोक नहीं पाया। शोभा की टाइट चूत उसकी रंडियों जैसी सिसकारियों के साथ ही पच-पच की आवाज करने लगी और यह वरुण के लंड के माल का लोड उसकी प्यासी चूत में निकालने के लिए काफी था।

“मैंने कहा था न कि तुम्हें ये पसंद आएगा! हम फिर से किसी ऐसी ही जगह पर छुपकर चुदाई कर सकते हैं?” वरुण ने शोभा से कहा जब वो अपने घुटनों पर होकर वरुण के लंड को अपनी जीभ से चाटकर साफ कर रही थी। “जब तक मुझे इस बड़े लंड को चूसने का मौका मिलेगा तब तक मैं कुछ भी करने को तैयार हूं!” शोभा ने शरारत भरी मुस्कान के साथ कहते हुए उसके लंड को भींच दिया। फिर वो उठी और अपने कपड़े पहनने लगी। उसने अपनी पहली क्लास मिस कर दी थी मगर अब वो अगली क्लास के लिए लेट नहीं होना चाहती थी। लंच टाइम, दोपहर 1:00 बजे: जैसे ही लंच टाइम के लिए घंटी बजी, शोभा ने अपना बैग अपने कंधों पर डाला और अपने दोस्तों को गुडबाय कह दिया। “बाद में मिलते हैं गर्ल्स!” “अरे तुम कहाँ जा रही हो? क्या तुम हमारे साथ लंच नहीं करोगी?” कोमल ने हैरानी से कहा। “ओह, सॉरी कोमल, मुझे अभी कहीं जाना है! मैं वहीं लंच करूंगी।” शोभा ने क्लासरूम से बाहर निकलते हुए कहा। “आह्ह्ह … शोभा … तुम्हें अपना खास नाश्ता कैसा लगा!” वरुण ने कहा। वह एक खाली क्लासरूम में बेंच पर बैठा था, जबकि शोभा उसके सामने घुटने टेककर उसका लंड चूस रही थी। “तुम लंड चूसने में बहुत कमाल हो!” “हहाह … क्योंकि तुम मुझे प्रैक्टिस करवाने के लिए इतना चुसवाते जो हो!” शोभा ने लंड की शाफ्ट को चाटते हुए मुस्कराते हुए कहा। उसे उसके लंड का स्वाद पसंद था और वह उसके वीर्य के स्वाद को और भी ज्यादा पसंद करती थी। “तो तुम्हें लंड इतना पसंद है ना? फिर तुमने कभी किसी और लड़के के साथ ऐसा करने के बारे में सोचा है!
” वरुण ने झिझकते हुए पूछा, यह देखने के लिए कि क्या शोभा इसके लिए तैयार होगी। “आह … नहीं! केवल यही लंड है जो मुझे संतुष्ट कर सकता है!” शोभा ने लंड पूरी तरह से अपने मुँह में ले लिया और वैक्यूम क्लीनर की तरह उसका लंड चूसते हुए सिसकारने लगी। “हाह्ह, मुझे इस पर पूरा विश्वास नहीं है शोभा!” वरुण सोचते हुए मुस्कराया जबकि शोभा उसके लंड की मस्त चुसाई कर रही थी। “आआआह्ह … मेरा होने वाला है शोभा!” वरुण ने आह्ह भरी और शोभा के मुंह में अपने माल का शॉट मारने लगा। शोभा की आंखें फैलने लगीं और उसे हल्की सी उल्टी हुई जैसे ही वरुण के लंड से भारी मात्रा में निकलता हुआ माल उसके मुंह में भरने लगा। “मेरे माल को निगलो मत अभी शोभा! अपना मुँह खोलो और मुझे दिखाओ!” शोभा ने उसकी बात मानते हुए अपना मुंह खोला और उसके वीर्य में सने  होंठों से मुस्कराई और अपनी जीभ पर पड़ा माल भी उसको दिखाया। 

फिर उसने अपना मुंह बंद कर लिया और अपने होंठों को चाटते हुए उसके माल को निगल लिया ताकि कुछ भी हिस्सा बेकार न जाए। “अम्म… मुझे हर दिन लंच में इतना स्वादिष्ट स्नैक बहुत पसंद है!” शोभा ने उसकी ठुड्डी से उंगली के सहारे कुछ वीर्य पौंछा और फिर वो उंगली अपने मुंह में डाल ली। जैसे जैसे लंच का टाइम खत्म हो रहा था, उन्होंने कमरे से बाहर निकलने का फैसला किया और जल्द ही अपने कपड़े पहनना शुरू कर दिया। “तुमने अपनी पैंट कब बदली वरुण? क्या तुमने सुबह नीली जींस नहीं पहनी थी?” शोभा ने कहा, पहली बार यह नोटिस करते हुए कि वरुण ने अपनी पैंट बदली है। “ओह वो … अअअ … हां ह्ह … मैंने की थी … व-वो … हाँ मुझसे पैंट पर थोड़ा जूस गिर गया था तो मैंने पास ही रहने वाले एक  फ्रेंड से मांग ली थी।” वरुण ने घबराकर कहा और असमंजस भरे चेहरे वाली शोभा को पीछे छोड़कर कमरे से बाहर निकल गया। “हम्म … मुझे हैरानी है कि वह क्लास के समय में खुद पर जूस कैसे गिरा सकता था?” दूसरा फ्लोर, बॉयज वॉशरूम, शाम 4:30 बजे: शोभा वरुण के साथ बॉयज टॉयलेट में थी। वे आखिरी कैबिन में छिपे हुए थे और शोभा वरुण की गोद में बैठी थी और उसका लंड उसकी चूत के अंदर दबा हुआ था। 
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“आह… तुम्हारा लंड नीचे से झटके मार रहा है … बहुत अच्छा लग रहा है!” धीमी आवाज में शोभा ने सिसकार कर कहा। वह डरती थी कि कहीं कोई उन्हें यहां चुदाई करते न देख ले, लेकिन उस विचार ने उसे और भी कामुक बना दिया। वह अपनी गांड को वरुण के लंड पर और तेज तेज घुमाने लगी। वरुण जल्दी ही चरम पर पहुंचने वाला था। फिर जल्दी ही उसने शोभा के अंदर अपना माल निकाल दिया जैसा उसने उस रोज सुबह किया था । “आह … यह मेरे अंदर पिचकारी मार रहा है … आह …” शोभा ने सीत्कार किया जैसे ही उसने महसूस किया कि उसका गर्म माल उसकी चूत में फैल रहा है। जब शोभा और वरुण बाथरूम से बाहर निकल रहे थे तो शोभा ने दे
खा कि वरुण की पैंट फिर से बदल गई है। “अरे, तुमने फिर से पैंट कब बदली? तुमने इस पर जूस गिराया था!” “अरे क्या … वहाँ वह राहुल है! सॉरी शोभा मुझे जाना है! बाद में मिलते हैं!
” वरुण ने फिर से एक बेकार सा बहाना बनाते हुए कहा और जल्दी से उससे अलग होकर निकल गया। सविता भाभी का अपार्टमेंट, शाम 6:00 बजे: शोभा दिन भर की आपाधापी से थक गई थी और वह आराम करने के लिए भाभी के घर चली गई। जैसे ही बात उनकी सेक्स लाइफ की चली, शोभा ने भाभी को वरुण के अजीब व्यवहार के बारे में बताना शुरू कर दिया। “… और जब मैंने उससे बाथरूम के बाहर इसके बारे में पूछा; वह घबरा गया और उसने 5 बजे की बस पकड़ने का बहाना बनाया और भाग गया!” शोभा ने भाभी को अपना पूरा दिन बयां करने के बाद कहा। “क्या कहा तुमने … 5 बजे?” सविता से पूछा। “हाँ… क्यों क्या बात है भाभी?” ” लेकिन यह अजीब है … वरुण तो अपनी 3 बजे की क्लास खत्म होने के बाद पूरी शाम मेरे साथ था!” सविता ने अपने चेहरे पर एक असमंजस भरे भाव के साथ सोचा।

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